हाई ब्लड प्रेशर (hypertension) भारत की सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है — राष्ट्रीय ICMR-INDIAB अध्ययन में यह लगभग हर तीन में से एक वयस्क में पाया गया। इनमें से कई लोगों को पता ही नहीं, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर में आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होता।

सालों तक इलाज न हो, तो यह चुपचाप नसों को नुकसान पहुँचाता है और हार्ट अटैक, लकवा (stroke) और किडनी की बीमारी का कारण बन सकता है। अच्छी बात यह है कि इसकी जाँच आसान है और इसे काबू में रखा जा सकता है।

रीडिंग का मतलब क्या है?

ब्लड प्रेशर की रीडिंग में दो नंबर होते हैं, जैसे 120/80 mmHg:

  • ऊपर का नंबर (systolic) — जब दिल खून पंप करता है, तब का दबाव।

  • नीचे का नंबर (diastolic) — दो धड़कनों के बीच दिल के आराम के समय का दबाव।

आम तौर पर:

  • 120/80 से कम — सामान्य।

  • 120–139 / 80–89 — आदर्श से ज़्यादा; आदतें बदलने का अच्छा समय।

  • दो अलग दिनों में 140/90 या ज़्यादा — आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर।

एक बार ज़्यादा रीडिंग आना बीमारी की पुष्टि नहीं है। तनाव, जल्दबाज़ी, चाय-कॉफ़ी और भरा हुआ ब्लैडर कुछ देर के लिए रीडिंग बढ़ा सकते हैं। नापने से पहले पाँच मिनट शांत बैठें; डॉक्टर कई दिनों तक नापने को कह सकते हैं।

क्या हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण होते हैं?

आमतौर पर नहीं। कुछ लोगों को सिरदर्द, चक्कर या नाक से खून आ सकता है, पर ये भरोसेमंद संकेत नहीं हैं। इसीलिए इसे चुपचाप रहने वाली बीमारी कहते हैं — पता करने का एक ही तरीका है: नापना।

किसे जाँच करवानी चाहिए?

  • 30 साल के बाद हर वयस्क, कम से कम साल में एक बार।

  • जिनका वज़न ज़्यादा है, जो धूम्रपान या शराब पीते हैं या ज़्यादा नमक खाते हैं।

  • डायबिटीज़, किडनी की बीमारी, या परिवार में हाई BP या दिल की बीमारी वाले लोग।

  • गर्भवती महिलाएँ, हर जाँच पर।

डॉक्टर को कब दिखाएँ?

अगर दो अलग दिनों में रीडिंग 140/90 या ज़्यादा हो, या आप पहले से BP की दवा ले रहे हैं और रीडिंग फिर भी ज़्यादा रहती है — तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अगर 180/120 या ज़्यादा रीडिंग के साथ सीने में दर्द, साँस फूलना, अचानक कमज़ोरी या सुन्नपन, बोलने में दिक्कत, उलझन या तेज़ सिरदर्द हो — तो अभी 112 पर कॉल करें या अस्पताल जाएँ।

क्या मदद करता है

  • नमक कम खाएँ — अचार, पापड़, नमकीन, पैकेट वाला खाना और ऊपर से डाला नमक कम करें।

  • ज़्यादातर दिनों में लगभग 30 मिनट सक्रिय रहें, जैसे तेज़ चलना।

  • वज़न सही रखें, अच्छी नींद लें, धूम्रपान न करें और शराब कम करें।

  • डॉक्टर दवा दें तो रोज़ लें। रीडिंग सामान्य दिखने पर दवा बंद न करें — सामान्य इसलिए दिख रही है क्योंकि दवा काम कर रही है।

किस डॉक्टर को दिखाएँ?

जनरल फ़िज़िशियन ज़्यादातर हाई ब्लड प्रेशर की पहचान और इलाज कर सकते हैं। अगर BP काबू में न आए या दिल से जुड़े लक्षण हों, तो कार्डियोलॉजिस्ट मदद कर सकते हैं।

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