भारी खाने के बाद सीने में जलन, खट्टी डकारें, पेट फूलना — लगभग हर किसी को कभी न कभी एसिडिटी होती है। यह आमतौर पर पेट का एसिड खाने की नली में ऊपर आने (acid reflux) से होती है।
कभी-कभार की एसिडिटी आम है और छोटे बदलावों से अक्सर ठीक हो जाती है। लेकिन बार-बार होने वाली एसिडिटी की जाँच ज़रूरी है, और कुछ लक्षणों को कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
आम लक्षण
सीने या गले में जलन (heartburn), अक्सर खाने के बाद या लेटने पर।
मुँह में खट्टा या कड़वा स्वाद, या खाना ऊपर आना।
पेट फूलना, डकारें और भारीपन।
ऊपरी पेट में बेचैनी या जी मिचलाना।
आम कारण
ज़्यादा, देर रात या तला हुआ खाना; बहुत मसालेदार खाना।
खाने के तुरंत बाद लेटना या सोना।
चाय, कॉफ़ी, कोल्ड ड्रिंक और शराब।
धूम्रपान और तंबाकू।
ज़्यादा वज़न और तनाव।
कुछ दर्द-निवारक दवाएँ, जब बार-बार ली जाएँ।
कौन-सी आदतें मदद करती हैं
कम मात्रा में खाएँ, और खाना न छोड़ें।
रात के खाने और सोने के बीच 2–3 घंटे का अंतर रखें।
रात में एसिडिटी हो तो पलंग का सिरहाना थोड़ा ऊँचा करें।
जो खाना-पीना आपको एसिडिटी देता है, उसे कम करें।
धूम्रपान छोड़ें और वज़न सही रखें।
फ़ार्मेसी की एंटासिड दवाएँ थोड़े समय की राहत दे सकती हैं। अगर इन्हें बार-बार लेना पड़े, तो हफ़्तों तक अपने आप लेने के बजाय डॉक्टर को दिखाएँ — बार-बार की एसिडिटी की ठीक से जाँच ज़रूरी है।
डॉक्टर को कब दिखाएँ?
डॉक्टर को दिखाएँ अगर:
एसिडिटी हफ़्ते में दो बार से ज़्यादा हो, या कुछ हफ़्तों से ज़्यादा चले।
दवा बंद करते ही लक्षण लौट आएँ।
आपकी उम्र 45–50 से ज़्यादा है और यह समस्या नई है।
अगर निगलने में दिक्कत या दर्द, बिना कोशिश वज़न घटना, बार-बार उल्टी, खून की उल्टी, या काला मल हो — तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाएँ।
सीने का हर दर्द एसिडिटी नहीं होता। अगर दर्द बाँह, जबड़े या पीठ तक जाए, या साथ में पसीना या साँस फूलना हो — तो 112 पर कॉल करें, यह दिल की समस्या हो सकती है।
किस डॉक्टर को दिखाएँ?
ज़्यादातर एसिडिटी में जनरल फ़िज़िशियन मदद कर सकते हैं। बार-बार या लंबे समय की समस्या, या खतरे के लक्षणों में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट endoscopy जैसी जाँच की सलाह दे सकते हैं।
Nirogo पर अपनी भाषा में अपने लक्षण बताइए, और आपके शहर के मिलते-जुलते क्लिनिक आपसे संपर्क करेंगे — मुफ़्त।


